माताओं-बच्चों की सुरक्षा, प्रसव सेवाओं और परिवार नियोजन पर सीएमओ के कड़े निर्देश

 


आजमगढ़  जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और परिवार नियोजन से जुड़ी सभी सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाना सभी स्वास्थ्य इकाइयों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमओ ने निर्देश दिया कि नवजात बच्चों की देखभाल वाली इकाइयाँ हर समय चालू रहें और उनकी रिपोर्ट प्रतिदिन भेजी जाए। पुरुष नसबंदी पखवाड़ा प्रभावी ढंग से चलाया जाए और पुरुषों को जागरूक कर उनकी भागीदारी बढ़ाई जाए। महिलाओं के लिए उपलब्ध गर्भनिरोधक साधन—जैसे गोली, इंजेक्शन, कॉपर-टी, प्रसव के तुरंत बाद लगने वाली कॉपर-टी और कंडोम हर उपकेंद्र पर पर्याप्त मात्रा में रहें। अतिरिक्त मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाशरण पांडेय ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वास्थ्य टीमें गाँवों में लोगों को सरल भाषा में सही सलाह दें और परिवार नियोजन अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और पंचायत सहायक एक महीने तक आयुष्मान कार्ड तेजी से बनवाएँ, ताकि अधिक से अधिक लोगों को निःशुल्क इलाज का लाभ मिल सके।सीएमओ ने बताया कि बड़े अस्पतालों में सभी ऑपरेशन सेवाएँ मानक के अनुसार चलें। गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन पहली तिमाही में ही किया जाए और बच्चों का पंजीकरण समय पर पूरा हो। सभी प्रसव अस्पताल में ही हों, घर पर प्रसव कतई स्वीकार्य नहीं है। डाॅ वर्मा द्वारा टीकाकरण की उपलब्धि 100 प्रतिशत रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। गाँवों में लगने वाले स्वास्थ्य दिवस (VHND) में दवा, सामग्री और जाँचे पूरी व्यवस्था उपलब्ध रखना संबंधित अधीक्षक की जिम्मेदारी होगी। जहाँ गंभीर मरीजों के लिए विशेष यूनिटें संचालित हैं, वहाँ ECG अधिक से अधिक कराए जाएँ, ताकि दिल से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान हो सके।

 सीएमओ ने साफ कहा कि इन निर्देशों में कमी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई तय है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ